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उत्तराखंड में नकली दवाओं का कारोबार खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। हाल के महीनों में रुड़की और उसके आसपास के क्षेत्रों में बड़ी संख्या में नकली दवा फैक्ट्रियाँ पकड़ी गई हैं। इस अवैध कारोबार की व्यापकता और इसके पीछे की मजबूत नेटवर्किंग ने राज्य को देशभर के नकली दवा माफियाओं के लिए एक ‘सॉफ्ट टारगेट’ बना दिया है।
READ MOREउत्तराखण्ड में साहसिक खेलों, विशेषकर पैराग्लाइडिंग के विकास को लेकर सचिव पर्यटन/मुख्य कार्यकारी अधिकारी, उत्तराखण्ड पर्यटन विकास परिषद धीराज सिंह गर्ब्याल की अध्यक्षता में 17 जुलाई 2025 को एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
READ MOREउत्तराखण्ड पर्यटन विकास परिषद (UTDB) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी/पर्यटन सचिव, धीराज सिंह गर्ब्याल की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें साहसिक पर्यटन को गति देने तथा पर्वतारोहण अभियानों को सुचारू करने हेतु विविध विषयों पर विचार-विमर्श किया गया।
READ MOREउत्तराखंड की राजनीति में एक मिसाल कायम करते हुए कर्नल (सेवानिवृत्त) अजय कोठियाल ने पूर्व सैनिक कल्याण सलाहकार परिषद के अध्यक्ष के तौर पर मिलने वाली समस्त सरकारी सुविधाएं त्याग दी हैं। यह निर्णय उस चिट्ठी से सामने आया है जो कर्नल कोठियाल ने सैनिक कल्याण निदेशालय को भेजी है।
READ MOREदेवभूमि उत्तराखंड पर्यटन और तीर्थाटन के लिए आ रहे यात्रियों की बढ़ती संख्या के कारण गंभीर ट्रैफिक जाम की समस्या से जूझ रहा है। सीमित क्षमताओं वाली सड़कें, सीमित संसाधनों वाले शहरों में वाहनों की बेतहाशा बढ़ती संख्या से गहरा असंतुलन पैदा हो रहा है। इस वजह से कई घंटे जाम में फंसे रहना आम बात हो गई है। यह समस्या सिर्फ यात्रियों और पर्यटकों तक ही सीमित नहीं है। स्थानीय निवासियों को भी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है, और आपातकालीन स्थिति में मरीजों व घायलों का समय पर अस्पताल न पहुंच पाना जीवन को संकट में डाल रहा है।
READ MOREदेहरादून के जिलाधिकारी सविन बंसल को ‘लोकरत्न हिमालय सम्मान’ से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें पर्वतीय बिगुल सामाजिक-सांस्कृतिक संस्था द्वारा संस्था के 29वें स्थापना दिवस पर प्रदान किया गया।
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उत्तराखंड को लंबे समय से देश की “वीरभूमि” और “सैनिक प्रदेश” के रूप में जाना जाता है। राज्य के लगभग प्रत्येक पाँचवें परिवार का कोई न कोई सदस्य सेना, अर्धसैनिक बलों या पूर्व सैनिक समुदाय से जुड़ा हुआ है। ऐसे प्रदेश में सैनिकों के सम्मान से जुड़ी किसी भी पहल का महत्व केवल प्रशासनिक या राजनीतिक नहीं, बल्कि सामाजिक, सांस्कृतिक और भावनात्मक भी होता है। यही कारण है कि देहरादून में निर्मित “सैन्य धाम” परियोजना आरम्भ से ही चर्चा और विवाद दोनों का विषय बनी हुई है।
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विश्व पर्यावरण दिवस 2026 के अवसर पर 127 इन्फैंट्री बटालियन (टेरिटोरियल आर्मी) ईको गढ़वाल राइफल्स, जिसे “गढ़वाल ग्रीनर्स” के नाम से जाना जाता है, द्वारा उत्तराखण्ड में पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने के उद्देश्य से 02 से 05 जून तक पर्यावरण सप्ताह का व्यापक आयोजन किया गया। “भागीदारी और जिम्मेदारी” विषय पर आधारित इस अभियान के अंतर्गत देहरादून, सहिया और कस्याली सहित विभिन्न क्षेत्रों में पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी अनेक गतिविधियों का सफल संचालन किया गया।
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