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दिल्ली की नौकरी छोड़ पहाड़ लौटे संदीप पांडेय ने 160 रुपये से HimFla की शुरुआत की। पारंपरिक पिस्यूं लूण से जन्मा यह ब्रांड आज 1.5 करोड़ टर्नओवर के साथ ग्रामीण महिलाओं को रोजगार और आत्मसम्मान दे रहा है। यह कहानी जिद, जड़ों और आत्मनिर्भरता की मिसाल है।
READ MOREटिहरी जिले के स्यांड़ी गांव की महिलाओं ने पहाड़ के शुद्ध पानी को रोजगार का साधन बना लिया है। ‘देवभूमि शुद्ध धारा’ नाम से मिनरल वाटर प्लांट शुरू कर 11 महिलाएं आत्मनिर्भर बनी हैं। यह पहल स्थानीय रोजगार और जल संरक्षण का सशक्त उदाहरण है।
READ MOREउत्तराखंड में कीवी की खेती से बंजर खेतों की सेहत सुधरेगी और किसानों की आय बढ़ेगी। सरकार नई कीवी नीति के तहत 70 प्रतिशत सब्सिडी दे रही है। लक्ष्य है कि 2030 तक 3500 हेक्टेयर क्षेत्र में कीवी के बागान विकसित किए जाएं।
READ MOREउत्तराखंड शासन ने शुक्रवार को बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 15 आईपीएस अधिकारियों के तबादले किए हैं। इस दौरान गृह सचिव बदले गए, फायर सर्विस और कारागार जैसे अहम विभागों की जिम्मेदारियों में भी बदलाव किया गया। शासन के इस कदम को प्रशासनिक व्यवस्था को और चुस्त-दुरुस्त करने की कवायद माना जा रहा है।
READ MOREउत्तराखंड में राशनकार्ड धारकों के लिए बड़ी राहत—अब 54 लाख लोग मोबाइल ऐप से घर बैठे ई-केवाईसी कर सकेंगे। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने नई तकनीक शुरू की है, जिससे राशन डीलर की दुकानों पर लगने वाली भारी भीड़ खत्म होगी और आइरिस स्कैन से पहचान तुरंत संभव हो जाएगी।
READ MOREप्रदेश में राशन कार्ड बनवाने की प्रक्रिया नए साल से पूरी तरह ऑनलाइन होने जा रही है। सरकार का लक्ष्य है कि आवेदन से लेकर पात्रता जांच, सत्यापन, वितरण और राशन विक्रेताओं के भुगतान तक हर चरण डिजिटल हो। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और नागरिकों को विभागीय कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
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उत्तराखंड के सितारगंज से निकलकर हिमांशु गुप्ता ने यह सिद्ध कर दिया कि हालात नहीं, बल्कि हौसले सफलता तय करते हैं। पिता की सड़क किनारे चाय की दुकान और सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने कभी हार नहीं मानी। बिना किसी कोचिंग के, केवल सेल्फ-स्टडी के बल पर उन्होंने यूपीएससी की तैयारी की और तीन बार परीक्षा पास की।
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नरेंद्र सिंह नेगी केवल लोकगायक नहीं, उत्तराखंड की आत्मा की आवाज़ हैं। उनके गीत पहाड़ के संघर्ष, पलायन, पर्यावरण और सामाजिक सच्चाइयों को ईमानदारी से सामने रखते हैं। बिना शोर और दिखावे के, उनकी गायकी हर पीढ़ी को जोड़ती है और लोक को वर्तमान में जीवित रखती है।
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