पंतनगर कृषि विश्वविद्यालय एवं सोसाइटी फॉर एडवांसमेंट इन एग्रीकल्चर एंड एलाइड साइंसेज़ (SAAAS), लखनऊ के संयुक्त तत्वावधान में आज डॉ. रतन सिंह सभागार में “चैलेंजेज एंड अपॉर्च्युनिटीज़ इन एग्रीकल्चर एंड एलाइड साइंसेज़: टुवॉर्ड्स ए सस्टेनेबल फ्यूचर (COAAS-2025)” विषय पर तीन दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन हुआ।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. मनमोहन सिंह चौहान मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। उनके साथ मंच पर कृषि महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. सुभाष चंद्रा, उत्तराखंड जैव प्रौद्योगिकी परिषद के निदेशक डॉ. संजय कुमार, SAAAS के अध्यक्ष एवं सम्मेलन के आयोजन सचिव डॉ. बलवीर सिंह, और अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ. ए.एस. जीना मंचासीन रहे।
सम्मेलन को संबोधित करते हुए कुलपति डॉ. चौहान ने कहा कि सतत कृषि के लिए शिक्षण, अनुसंधान एवं प्रसार गतिविधियों को समन्वित करना होगा। उन्होंने यह भी कहा कि कृषि अब केवल खाद्यान्न उत्पादन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पोषण सुरक्षा, पर्यावरणीय संतुलन और आजीविका का भी आधार बन चुका है। उन्होंने “पेटेंट, प्रोडक्ट और पब्लिकेशन” पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता पर बल दिया।

डॉ. संजय कुमार ने कृषि क्षेत्र में जल संकट, मृदा क्षरण, आय असंतुलन और फसल विविधीकरण जैसी बढ़ती चुनौतियों को रेखांकित किया। उन्होंने स्मार्ट खेती, ड्रोन तकनीक, जैविक खेती और एग्री-स्टार्टअप्स को भावी अवसरों के रूप में प्रस्तुत किया।
डॉ. सुभाष चंद्रा ने कहा कि वैज्ञानिक नवाचारों को किसानों की पहुंच तक ले जाकर कृषि को एक लाभकारी व्यवसाय बनाया जा सकता है। उन्होंने पंतनगर विश्वविद्यालय द्वारा इस दिशा में किए जा रहे नवाचारों का उल्लेख भी किया।
सम्मेलन की रूपरेखा डॉ. बलवीर सिंह द्वारा प्रस्तुत की गई, जबकि धन्यवाद प्रस्ताव डॉ. ए.एस. जीना ने दिया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय की कुलसचिव डॉ. दीपा विनय, विभिन्न महाविद्यालयों के अधिष्ठाता, निदेशकगण, संकाय सदस्य और विद्यार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
सम्मेलन में भारत और विदेशों से 200 से अधिक विद्यार्थी एवं वैज्ञानिक ऑनलाइन एवं ऑफलाइन माध्यम से प्रतिभाग कर रहे हैं। तीन दिवसीय यह सम्मेलन कृषि एवं संबद्ध विज्ञानों के क्षेत्र में सतत विकास के लिए एक विचारशील मंच प्रदान करेगा।








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