हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) को आज एलसीए (लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट) तेजस एमके1ए कार्यक्रम के लिए लार्सन एंड टुब्रो (एलएंडटी) द्वारा निर्मित विंग असेंबली का पहला सेट प्राप्त हुआ।
यह माइलस्टोन तमिलनाडु के कोयंबटूर स्थित एलएंडटी की प्रिसिजन मैन्युफैक्चरिंग एंड सिस्टम्स कॉम्प्लेक्स इकाई में आयोजित एक औपचारिक समारोह में किया गया।
इस अवसर पर रक्षा उत्पादन विभाग के सचिव संजीव कुमार ने वर्चुअल रूप से कार्यक्रम में भाग लिया और एचएएल व एलएंडटी द्वारा आत्मनिर्भर भारत की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने निजी क्षेत्र की भागीदारी को बढ़ावा देने और एलसीए तेजस के उत्पादन लक्ष्यों की पूर्ति के प्रति विश्वास जताया।
एचएएल के एलसीए तेजस डिवीजन के महाप्रबंधक एम अब्दुल सलाम ने HAL की ओर से विंग असेंबली का संयोजन प्राप्त किया। एचएएल के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक (सीएमडी) डॉ. डीके सुनील ने इस उपलब्धि को दोनों संगठनों के वर्षों के समर्पण और उत्कृष्टता की साझा प्रतिबद्धता का परिणाम बताया।
डॉ. सुनील ने कहा, ‘एचएएल, एयरोस्पेस और रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता प्राप्त करने के लिए बड़े उद्योगों के साथ-साथ लघु और मध्यम उद्यमों (SMEs) के साथ मिलकर कार्य कर रहा है। हमने निजी क्षेत्र में एक समानांतर विमान संरचनात्मक असेंबली लाइन की स्थापना की है, जो एलसीए तेजस कार्यक्रम की उत्पादन क्षमता में वृद्धि करेगी।’
एलएंडटी प्रिसिजन इंजीनियरिंग एंड सिस्टम्स के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं प्रमुख अरुण रामचंदानी ने कहा कि एलएंडटी प्रारंभ में प्रति वर्ष चार विंग सेट की आपूर्ति करेगा, जिसे भविष्य में स्वचालित तकनीक और उन्नत प्रक्रियाओं के माध्यम से बढ़ाकर 12 सेट प्रति वर्ष किया जाएगा।
अब तक, एलसीए तेजस डिवीजन को कई निजी कंपनियों से विभिन्न संरचनात्मक मॉड्यूल प्राप्त हुए हैं:
- लक्ष्मी मशीन वर्क्स से एयर इनटेक असेंबली
- अल्फा टोकोल से रियर फ्यूजलेज
- एम्फेनॉल से लूम असेंबली
- टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स से फिन और रडर
- वीईएम टेक्नोलॉजीज से सेंटर फ्यूजलेज
- और अब एलएंडटी से विंग असेंबली
यह साझेदारी भारत के एयरोस्पेस क्षेत्र में स्वदेशीकरण और उत्पादन क्षमताओं को नई ऊंचाई देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।








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