आज कांगड़ा घाट पर एक ही परिवार के 5 लोग गंगा स्नान कर रहे थे जो गंगा नदी की गहराई और तेज बहाव से अंजान थे सभी लोग स्नान करते हुए पानी के तेज बहाव में आगे की ओर बहने लगे और डूबने लगे तथा चीख पुकार करते हुए बचाओ बचाओ चिल्लाने लगे।
11 जुलाई से सावन का पवित्र महीना शुरू हो गया है। कांवडिये सावन के महीने में पवित्र स्थान करने के लिए दूर दूर से हरिद्वार पहुंच रहे हैं और गंगा नदी में स्थान कर रहे हैं। कुछ कांवडिये तो सही तरीके से स्नान करते हैं लेकिन कुछ श्रऋालु पानी का बहान नहीं समझ पाते हैं और वह पानी में बह जाते हैं इसकी शिकायत लगातार मिलती रहती है। सरकार ने भी इसके लिए जल सैनिक तैनात कर रखे हैं।
आज कांगड़ा घाट पर एक ही परिवार के 5 लोग गंगा स्नान कर रहे थे जो गंगा नदी की गहराई और तेज बहाव से अंजान थे सभी लोग स्नान करते हुए पानी के तेज बहाव में आगे की ओर बहने लगे और डूबने लगे तथा चीख पुकार करते हुए बचाओ बचाओ चिल्लाने लगे।
एसडीआरएफ टीम पूर्व से ही कांगड़ा घाट पर कड़ी निगरानी के साथ अपने कर्तव्य पर खड़ी थी उन्होंने डूबते हुए कावड़ियों को देखकर ड्यूटी पर मुस्तैद एसडीआरएफ की टीम द्वारा एसआई पंकज खरोला के नेतृत्व में हेड कांस्टेबल आशिक अली तथा कॉस्टेबल नीतेश खेतवाल ने डग्गी की सहायता से जल्द डूबते हुए कावड़ियों तक पहुंचे तथा दूसरे छोर से इसी बीच हेड कांस्टेबल विजय खरोला, कांस्टेबल कविंद्र चौहान, शिवम, अनिल, रमेश द्वारा तैरकर पहुंच बनाई गई और एक एक कर सभी को डग्गी में बैठाया।
एसडीआरएफ टीम ने सभी कांवडियों को सांत्वना देकर सुरक्षित महसूस करवाया और घाट के किनारे पर पहले से तैयार टीम के अन्य सदस्यों एएसआई प्रविन्द्र धस्माना, प्रकाश मेहता तथा टेक अंकित पाल द्वारा थ्रो बैग फेंककर रेस्क्यू टीम द्वारा सभी कावड़ियों को किनारे पर शकुशल सुरक्षित निकाला। सभी डूबने वाले कावड़ियों तथा उनके परिवार के अन्य सदस्यों माता और पिता द्वारा टीम का धन्यवाद किया।
रेस्क्यू किए गए लोगों का विवरण
आरती S/O संजय, उम्र-19 वर्ष,
पलक S/O संजय, उम्र-15 वर्ष,
सागर S/O संजय, उम्र-16 वर्ष,
विशाल S/O कुक्कू, उम्र-18 वर्ष,
वीर S/O कुक्कू, उम्र-14 वर्ष,
निवासी- फारुखनगर, गुड़गांव








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