उत्तराखंड में कोरोना के मामले भले ही कम आ रहे हों, पर थमे नहीं हैं। ऐसे में संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए सरकार, पुलिस प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, गैरसरकारी संगठन और मीडिया अपने स्तर पर कोशिश कर रहे हैं। दवा या वैक्सीन अभी तक न बन पाने के कारण कोरोना वायरस से बचने का एक ही उपाय है- सामाजिक दूरी।
इस बात को समझाने के भी अलग-अलग तरीके हैं। अखबारों में विज्ञापन हो या माइक से घोषणा, लॉकडाउन की शुरुआत में तो कई जगहों पर यमराज का वेश धरे एक शख्स ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा था- ‘यम हैं हम, कोरोना को हमने भेज रखा है, बाहर निकले तो गए’। ऐसे संदेशों से लोगों को समझाने की कोशिश की गई कि लक्ष्मण रेखा पार न करें।
अब जब अनलॉक-1 चल रहा है और लोग जरूरी काम से निकलने भी लगे हैं तो लोगों को कम से कम बाहर निकलने की बात समझाने के लिए उत्तराखंड पुलिस ने शानदार तरीका अपनाया है। उत्तरकाशी पुलिस ने स्थानीय भाषा में हाथ न मिलाने, मास्क जरूर पहनने और सैनिटाइजर का इस्तेमाल करने की सलाह दी है।
उत्तरकाशी पुलिस कोरोना संक्रमण से बचाव हेतु स्थानीय भाषा में कर रही लोगों को जागरूक।#UttarakhandPolice #IndiaFightsCorona pic.twitter.com/yanhyEghxz
— Uttarakhand Police (@uttarakhandcops) June 28, 2020
आपको बता दें कि प्रदेशभर में कोरोना संक्रमित मरीजों का आंकड़ा 2823 हो गया है। हालांकि 2018 लोग पूरी तरह से ठीक हो चुके हैं, जबकि 749 मामले अभी सक्रिय हैं। वहीं, 18 लोग राज्य से बाहर चले गए हैं। प्रदेश में मृतकों का आंकड़ा 32 हो चुका है।



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