Saturday , 5 September 2026
Home उत्तराखंड न्यूज़ देहरादून देहरादून के लोग ध्यान दें, आपके कारण फैला डेंगू तो दर्ज होगा मुकदमा
देहरादूनउत्तराखंड न्यूज़

देहरादून के लोग ध्यान दें, आपके कारण फैला डेंगू तो दर्ज होगा मुकदमा

उत्तराखंड का देहरादून जिला कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित रहा है। उससे निपटने के लिए जिला प्रशासन पुरजोर कोशिश कर रहा है। संक्रमण फैलने से रोकने के साथ ही मरीजों का बेहतर इलाज सुनिश्चित किया जा रहा है। अब बारिश का मौसम आते ही डेंगू का खतरा पैदा हो गया है। ऐसे में जिलाधिकारी ने हालात की समीक्षा कर दून के लोगों को आगाह किया है।

पढ़ें- सेना में फेसबुक, इंस्टाग्राम पर बैन

दरअसल, प्रशासन नहीं चाहता कि कोरोना के खिलाफ लड़ाई कमजोर पड़े और इसके लिए डेंगू को फैलने से रोकना जरूरी है। ऐसे में जिलाधिकारी डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव ने कहा है कि अगर आपके घर के आसपास साफ पानी जमा हुआ या फिर घर के बाहर या नाली में कूड़ा फेंकते पकड़े गए तो आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने पत्रकारों से कहा कि देहरादून में कोरोना पूरी तरह से नियंत्रण में है। 16 जून से ऐसा कोई भी केस सामने नहीं आया है, जिसके संक्रमण का माध्यम पता न चला हो। डबलिंग रेट भी 61 दिन हो गया है। देहरादून में प्रति दस लाख पर 14,120 की टेस्टिंग हो रही है।

देहरादून में अब तक सामने आए करीब 800 कोरोना के केस में 99 प्रतिशत से अधिक प्रवासी हैं या फिर प्रवासियों के संपर्क में आने से संक्रमित हुए हैं। डीएम ने कहा कि सेना और आईटीबीपी के जवानों के ड्यूटी पर वापस आने का सिलसिला शुरू होने के बाद उनमें भी कई संक्रमित पाए गए। प्रशासन का कहना है कि कोरोना के नियंत्रण के साथ अब पूरा फोकस डेंगू पर है, जिसके लिए नगर निगम के साथ अभियान शुरू कर दिया गया है।

डेंगू के लक्षण, कैसे बचें आदि के बारे में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

डेंगू की रोकथाम को लेकर नगर निगम की ओर से गंदगी व जल जमाव को लेकर की जा रही चेकिंग में शुक्रवार को 24 घरों के मालिकों का चालान कर 7500 रुपये जुर्माना वसूला गया। नगर निगम की टीमें लगातार जलजमाव और गंदगी की जांच कर रही हैं।

आपको बता दें कि डेंगू बुखार मच्छरों के काटने से फैलता है। इन मच्छरों को एडीज मच्छर कहते हैं जो काफी ढीठ होते हैं और दिन में भी काटते हैं।

Written by
Hill Mail

हिल-मेल का प्रयास जनमानस की आवाज को सही स्तर तक पहुंचाना है। हमने कोशिश की है कि हिल-मेल पहाड़ से जुड़े जनमानस के बीच एक मंच और एक अभियान के रूप में आगे बढ़े। हिल-मेल प्रयत्न कर रहा है कि हिमालय के आंचल में रोजाना की घटने वाली सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक, धार्मिक और दैवीय घटनाओं की जानकारी जल्दी से जल्दी लोगों को मिलती रहे।

1 Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles

प्रेशर हॉर्न पर अब सख्ती, दूसरी बार पकड़े जाने पर ₹10 हजार चालान

उत्तराखंड में वाहनों में प्रेशर हॉर्न लगाने और उनका अनावश्यक इस्तेमाल करने...