Sunday , 6 September 2026
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पहाड़ की महिलाओं के लिए त्रिवेंद्र कैबिनेट ने घस्यारी कल्याण योजना को मंजूरी दी, इन फैसलों पर भी मुहर

उत्तराखंड की त्रिवेंद्र सिंह रावत कैबिनेट ने महिलाओं के हित में बड़ा फैसला लिया है। घस्यारी कल्याण योजना समेत सात अहम प्रस्तावों को त्रिवेंद्र कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। घस्यारी कल्याण योजना की घोषणा कुछ दिन पहले ही की गई थी। सीएम रावत अक्सर कहते रहे हैं कि पहाड़ की महिलाओं  को बहुत कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है इसलिए उनके जीवन को आसान बनाने के लिए यह योजना लाई गई है। इसके अलावा कैबिनेट ने वन भूमि में निजीकरण और पुलिस में प्रमोशन को लेकर अहम फैसले किए हैं।

महिलाओं के लिए बड़ा तोहफा

राज्य की महिलाओं को सशक्त बनाने के उद्देश्य से घस्यारी कल्याण योजना शुरू करने की जा रही है। इसके तहत सस्ते गल्ले की तरह प्रदेश में 7771 केंद्रों के माध्यम से गांवों तक पशुओं के लिए सस्ता चारा मुहैया कराया जाएगा। इसके तहत पशुचारे के उत्पादन को बढ़ाया जाएगा। इस समय करीब आठ हजार मीट्रिक टन का उत्पादन हो रहा है। इसे बढ़ाकर 50 हजार मीट्रिक टन किया जाना है। इसके लिए प्लांट स्थापित किए जाएंगे। पशुचारे पर प्रदेश सरकार अपनी तरफ से अनुदान भी देगी। आपको बता दें कि अभी पशु चारे पर प्रति किलोग्राम करीब 15 रुपये खर्च किए जा रहे हैं। सरकार की योजना है कि पहाड़ों में यह चारा करीब 3 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से लोगों को मिले। यह सीधे तौर पर महिलाओं को राहत देगा क्योंकि महिलाओं को घास के लिए काफी परेशानी उठानी पड़ती है।

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सभी फैसलों के बारे में जानिए

  • संस्कृत कॉलेजों को लेकर अहम खबर है। कैबिनेट ने संस्कृत कॉलेजों में 57 पदों को 155 पदों में समायोजन को मंजूरी दे दी है।
  • पहाड़ी महिलाओं के लिए घसियारी कल्याण योजना को स्वीकृति दी गई है।
  • इसके अलावा वन भूमि के निजीकरण में लीज रेंट को लेकर संशोधन किया गया है।
  • उत्तराखंड पुलिस को लेकर भी फैसला है, इसके तहत दूरसंचार सेवा नियमावली पास हो गए हैं और प्रमोशन के लिए 10 साल होंगे।
  • कृषि मंडी में अब अध्यक्ष एक बार ही नॉमिनेट किया जा सकेगा।
  • राज्य कृषि उपज व पशुधन विपणन प्रोत्साहन 2020 की धारा 87 में परिवर्तन किया गया है।
  • कोविड-19 के लिए 600 बेड का अस्पताल, जिसमें 50 आईसीयू बेड का प्रस्ताव।
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Hill Mail

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