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  • विकास बनाम पर्यावरण के बीच पिसता पहाड़

    विकास बनाम पर्यावरण के बीच पिसता पहाड़0

    उत्तराखंड इस समय प्राकृतिक आपदाओं की एक लंबी श्रृंखला से जूझ रहा है। धराली और थराली- दोनों क्षेत्र हाल ही में बादल फटने, बाढ़ और भारी भूस्खलन जैसी घटनाओं का शिकार हुए हैं। उत्तरकाशी के धराली में 5 अगस्त को खीरगंगा नदी में आई बाढ़ ने भारी तबाही मचाई, जबकि चमोली के थराली में 22–23 अगस्त की रात को बादल फटने से सैकड़ों घर और दुकानें मलबे में दब गए। इन आपदाओं ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या हिमालयी क्षेत्र में हो रहे विकास कार्य पर्यावरण की कीमत पर किए जा रहे हैं?

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  • वृद्धाश्रम: भारतीय पारिवारिक संरचना पर संकट

    वृद्धाश्रम: भारतीय पारिवारिक संरचना पर संकट0

    उत्तराखंड सरकार द्वारा राज्य के हर ज़िले में वृद्धाश्रम खोलने की हालिया घोषणा ने मुझे, एक समाजशास्त्री के रूप में, यह सोचने पर विवश किया कि क्या वास्तव में पहाड़ी समाज को वृद्धाश्रमों की आवश्यकता है? खासकर तब जब यहां परिवार का अर्थ केवल माता-पिता और बच्चों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक विस्तृत रिश्तों की जड़ से जुड़ी व्यवस्था है ।

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