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कुमाऊं मंडल के सीमांत जिलों पिथौरागढ़, बागेश्वर और चंपावत में गुरुवार को मौसम ने अचानक करवट लेते हुए भारी तबाही मचा दी। दोपहर बाद शुरू हुई तेज बारिश, आंधी और ओलावृष्टि ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया। कई क्षेत्रों में 100 से 200 ग्राम तक वजनी ओले गिरने से वाहनों के शीशे, हेडलाइट और मकानों की खिड़कियों के कांच टूट गए। वहीं किसानों की साग-सब्जियों और फलों की फसलों को भी भारी नुकसान पहुंचा है।
READ MOREउत्तराखंड शासन ने शनिवार देर रात बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 29 अधिकारियों के तबादले कर दिए। इसमें 19 आईएएस, आठ पीसीएस और दो सचिवालय सेवा के अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। इस फेरबदल में गढ़वाल मंडलायुक्त, दो जिलों के जिलाधिकारी, कई विभागों के सचिव और महत्वपूर्ण संस्थानों के प्रमुख शामिल हैं।
READ MOREहल्द्वानी क्षेत्र में जनगणना और बीएलओ ड्यूटी के कारण सरकारी प्राथमिक स्कूलों की पढ़ाई प्रभावित होती नजर आ रही है। शिक्षकों की कमी पहले से ही एक बड़ी समस्या थी, लेकिन अब अतिरिक्त प्रशासनिक जिम्मेदारियों ने हालात को और गंभीर बना दिया है।
READ MOREउत्तराखंड की शांत वादियों से उठकर देश की सबसे कठिन सीमाओं में से एक सिक्किम तक पहुंचने वाले जवान विकास कुमाड़ की कहानी साहस, सपने और सर्वोच्च बलिदान की कहानी है।
READ MOREघी बेचने से शुरुआत करने वाला एक साधारण बालक आगे चलकर उत्तराखंड का पहला अरबपति बना। यह कहानी है दान सिंह बिष्ट की, जिन्हें लोग आदर से दान सिंह ‘मालदार’ कहते थे।
READ MOREउत्तराखंड के एक दूरस्थ गांव में सड़क निर्माण की स्वीकृति के बावजूद आज तक सड़क नहीं बन पाई। नतीजा यह है कि बीमार मरीजों को पांच किलोमीटर तक कंधों पर उठाकर अस्पताल पहुंचाया जा रहा है। यह घटना पहाड़ी इलाकों में विकास योजनाओं की जमीनी हकीकत और प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करती है।
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उत्तराखंड कांग्रेस के संगठनात्मक अभियान के तहत आयोजित परिवर्तन संकल्प सम्मेलन मंगलवार को उस समय विवादों में घिर गया, जब कार्यक्रम के दौरान पार्टी के भीतर लंबे समय से चल रही गुटबाजी खुलकर सामने आ गई। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल की मौजूदगी में हुए सम्मेलन में विधायक मयूख महर और पार्टी के एक गुट के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। हालात ऐसे बने कि विधायक अपने समर्थकों के साथ कार्यक्रम बीच में ही छोड़कर चले गए, जबकि उनके खिलाफ कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की। घटना के बाद प्रदेश नेतृत्व ने अनुशासनहीनता को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई शुरू कर दी है।
READ MOREउत्तराखंड ने मत्स्य पालन के क्षेत्र में एक नया इतिहास रच दिया है। राज्य गठन के बाद पहली बार उत्तराखंड में उत्पादित रेनबो ट्राउट मछली ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी पहचान बनाई है। पिथौरागढ़ जिले की तीन मत्स्यजीवी सहकारी समितियों द्वारा तैयार की गई पांच मीट्रिक टन रेनबो ट्राउट मछली का सफलतापूर्वक नेपाल को निर्यात किया गया है। इस उपलब्धि को राज्य के मत्स्य क्षेत्र के लिए बड़ी सफलता माना जा रहा है। सरकार अब आने वाले दिनों में करीब 30 मीट्रिक टन मछली के निर्यात की तैयारी में जुट गई है।
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