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रुद्रपुर में उत्तराखंड का सबसे ऊंचा तिरंगा फहराने के बाद सीएम धामी ने अपने संबोधन में कहा, सरकार लगातार प्रयास कर रही है कि समाज के अंतिम छोर तक विकास पहुंच सके। राज्य सरकार लगातार विद्युत, पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्र में काम कर रही है और लोगों की समस्याओं का समाधान करना उसकी प्राथमिकता है।
READ MOREक्यारकुली भट्टा पानी समिति की अध्यक्षा श्रीमती कौशल्या रावत ने प्रधानमंत्री को अवगत कराया कि जल जीवन मिशन के साकार होने से और गांव में पलायन कर चुके लोगों द्वारा वापस रिवर्स पलायन किया जा रहा है। गांव में पहले की तुलना में बहुत अधिक पर्यटन आ रहे हैं जिससे गांव में होमस्टे योजना की डिमांड में भी काफी बढ़ोतरी हुई है तथा गांव में 35 होमस्टे पर्यटन विभाग के समन्वय से बन चुके हैं।
READ MOREइस दौरान गढ़वाल विश्वविद्यालय के पर्यटन विभाग के पूर्व प्रमुख प्रो. एससी बागड़ी ने कहा कि पर्यटन संबंधी आंकड़ो का उचित सृजन करने, स्थानीय लोगों को बढ़ावा देने तथा उत्तराखंड में कम विकसित क्षेत्रों को अधिक प्रचारित किए जाने की आवश्यकता है। राज्य में स्थित पर्यटन संबंधी सभी मूलभूत सुविधाओं को श्रेणीबद्ध करना बेहद जरूरी है।
READ MOREपाकिस्तान से सटी सीमा की जिम्मेदारी पश्चिमी कमान के पास होती है और इसका कुछ हिस्सा जम्मू सेक्टर से पंजाब तक भी है। लेफ्टिनेंट जनरल खंडूरी लेफ्टिनेंट जनरल आरपी सिंह की जगह लेंगे। वह 31 अक्टूबर को रिटायर हो रहे हैं।
READ MOREउत्तराखंड में वर्तमान में आठ नगर निगम हैं और ये सभी मैदानी क्षेत्रों में है। मौजूदा सरकार में पिछले काफी समय से पर्वतीय क्षेत्र के कुछ शहरों को नगर निगम बनाने कवायद चल रही है। श्रीनगर से विधायक एवं सरकार में कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने ही सबसे पहले श्रीनगर को नगर निगम बनाने का सुझाव रखा था।
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मधुमक्खी सिर्फ शहद नहीं देती, वह हमारे पूरे पर्यावरण की रक्षक है। लगभग 75 प्रतिशत खाद्य फसलों का परागण मधुमक्खियों के माध्यम से होता है। यदि मधुमक्खियां सुरक्षित रहेंगी तो पहाड़, कृषि और जैव विविधता सभी सुरक्षित रहेंगे। हर युवा को मधुमक्खी संरक्षण को पर्यावरण संरक्षण का मिशन बनाना चाहिए।
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2000 से ज्यादा मेडिकल स्टोर बंद, दवा के लिए दिनभर भटकते रहे मरीज और तीमारदार, देहरादून समेत पूरे प्रदेश में बुधवार को दवा कारोबारियों की हड़ताल का व्यापक असर देखने को मिला। ऑनलाइन दवा बिक्री और ई-फार्मेसी के विरोध में उत्तरांचल औषधि व्यवसायी महासंघ के आह्वान पर राजधानी दून, विकासनगर, मसूरी और श्रीनगर गढ़वाल सहित कई क्षेत्रों में मेडिकल स्टोर बंद रहे। अचानक बंद हुई दवा दुकानों के कारण मरीजों और उनके तीमारदारों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। कई लोग जरूरी दवाइयों के लिए अस्पतालों और बाजारों में घंटों भटकते रहे।
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