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दून अस्पताल और सेफड़ू द्वारा किए गए शोध में सामने आया है कि आंखों के ऑपरेशन के दौरान शेरॉन चीरा तकनीक अपनाने से चश्मे का नंबर बढ़ने की संभावना कम हो जाती है। 100 मरीजों पर किए गए अध्ययन में यह तकनीक सबसे प्रभावी साबित हुई।
READ MOREदेहरादून में लंबे समय से बारिश न होने के कारण वायु प्रदूषण बढ़ गया है। एक्यूआई 200 के पार पहुंच गया, जिससे हवा ‘खराब’ श्रेणी में आ गई है। विशेषज्ञों के अनुसार बारिश होने से राहत मिल सकती है, लेकिन तब तक बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
READ MOREदेहरादून में नियमविरुद्ध सड़क खुदाई पर जिला प्रशासन ने यूपीसीएल के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। सभी पुरानी अनुमतियां रद्द कर दो महीने तक नई खुदाई पर रोक लगा दी गई है। बिना बैरिकेडिंग और मरम्मत के छोड़ी गई सड़कों को लेकर प्रशासन ने सुरक्षा मानकों के पालन के निर्देश दिए हैं।
READ MOREउत्तराखंड में कीवी की खेती से बंजर खेतों की सेहत सुधरेगी और किसानों की आय बढ़ेगी। सरकार नई कीवी नीति के तहत 70 प्रतिशत सब्सिडी दे रही है। लक्ष्य है कि 2030 तक 3500 हेक्टेयर क्षेत्र में कीवी के बागान विकसित किए जाएं।
READ MOREकोटद्वार क्षेत्र में लंबे समय से दहशत फैलाने वाला गुलदार आखिरकार वन विभाग की कार्रवाई में पिंजरे में कैद हो गया। गुलदार ने महिलाओं और मवेशियों पर हमले किए थे। ट्रैंकुलाइज कर उसे रेस्क्यू सेंटर भेजा गया, जिससे ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।
READ MOREउत्तराखंड में वेलनेस टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए रिज़ॉर्ट की तर्ज पर नेचुरोपैथी अस्पताल खोले जाएंगे। इन अस्पतालों में बिना दवाइयों के प्राकृतिक तरीकों से इलाज होगा। पहले चरण में चंपावत, पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिलों में अस्पताल खोलने की तैयारी है।
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सावन के पावन महीने में शिवभक्तों की आस्था के प्रमुख केंद्र नीलकंठ श्रावण कांवड़ मेले को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट हो गया है। कांवड़ यात्रा को सुरक्षित, व्यवस्थित और सुगम बनाने के लिए इस बार व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई है। पूरे मेला क्षेत्र की सुरक्षा की जिम्मेदारी करीब 1,200 पुलिस, पीएसी, होमगार्ड और पीआरडी जवानों के कंधों पर होगी। पुलिस का दावा है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी टीमें तैयार रहेंगी।
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उत्तराखंड में सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए बड़े स्तर पर भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी है। प्रदेश में शिक्षकों के 1,500 से अधिक रिक्त पदों पर भर्ती की जाएगी। इनमें प्रवक्ता के 808 पदों पर भर्ती प्रक्रिया पहले से चल रही है, जबकि प्रारंभिक शिक्षा में सहायक अध्यापक के 250 से अधिक पदों पर भर्ती के लिए प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है। इसके अलावा सहायक अध्यापक एलटी के 450 से अधिक पद भी रिक्त हैं। इन पदों को भरने के लिए जल्द ही उत्तराखंड लोक सेवा आयोग को प्रस्ताव भेजा जाएगा।
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