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कोटद्वार गढ़वाल वन प्रभाग के दीवा रेंज मुख्यालय धुमाकोट में करीब 22 दिनों से पिंजरे में कैद एक नर गुलदार की मौत ने वन विभाग की कार्यप्रणाली और निर्णय प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। गुलदार को रेस्क्यू सेंटर भेजने या फिर जंगल में छोड़ने को लेकर समय पर निर्णय नहीं हो सका। विभागीय अधिकारियों द्वारा उच्चाधिकारियों से लगातार दिशा-निर्देश मांगे जाते रहे, लेकिन स्पष्ट आदेश नहीं मिलने के कारण गुलदार लंबे समय तक पिंजरे में कैद रहा और आखिरकार 25 जुलाई को उसने दम तोड़ दिया।
READ MOREहर वर्ष 29 जुलाई को विश्वभर में अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस (International Tiger Day) मनाया जाता है। इस दिन का उद्देश्य बाघों के संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करना और उनके प्राकृतिक आवास को सुरक्षित रखने का संकल्प लेना है। उत्तराखंड, जिसे देश के प्रमुख टाइगर लैंडस्केप वाले राज्यों में गिना जाता है, आज बाघ संरक्षण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
READ MOREपिथौरागढ़ जिले के सबसे बड़े जिला अस्पताल में जिलाधिकारी के औचक निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं की कई गंभीर खामियां उजागर हुईं। निरीक्षण में अस्पताल की सफाई व्यवस्था, मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं, डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों की कार्यप्रणाली तथा भोजन व्यवस्था में भारी लापरवाही सामने आई। जिलाधिकारी ने अस्पताल प्रबंधन को तत्काल सुधार के निर्देश देते हुए स्पष्ट चेतावनी दी कि मरीजों की सुविधाओं से किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
READ MOREउत्तराखंड के विश्वप्रसिद्ध बुग्यालों में आठ वर्षों बाद एक बार फिर पर्यटक रात्रि विश्राम (नाइट स्टे) कर सकेंगे। सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले के बाद लंबे समय से लागू प्रतिबंध हट गया है, जिससे राज्य के पर्वतीय पर्यटन, ट्रैकिंग गतिविधियों और स्थानीय लोगों की आजीविका को नई उम्मीद मिली है। इस निर्णय के बाद रूपकुंड, बेदनी बुग्याल, आली-बगजी बुग्याल समेत कई प्रसिद्ध उच्च हिमालयी घास के मैदानों में पर्यटन गतिविधियों के दोबारा बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
READ MOREउत्तराखंड के सीमांत जनपद पिथौरागढ़ में लगातार खराब मौसम का असर हवाई सेवाओं पर साफ दिखाई दे रहा है। मंगलवार को एक बार फिर मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों के चलते हल्द्वानी से संचालित होने वाली हेलिकॉप्टर सेवा रद्द करनी पड़ी। हेलिकॉप्टर का इंतजार कर रहे यात्रियों को एयरपोर्ट से मायूस होकर वापस लौटना पड़ा, जबकि कई लोगों को मजबूरी में सड़क मार्ग से अपने गंतव्य की ओर रवाना होना पड़ा।
READ MOREनीलकंठ कांवड़ मेले को लेकर गढ़वाल मंडल में प्रशासन ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए जिला प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। छात्र-छात्राओं की सुरक्षा, यातायात प्रबंधन और कानून व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से कांवड़ यात्रा मार्ग पर स्थित 18 शिक्षण संस्थानों में निर्धारित अवधि के लिए अवकाश घोषित किया गया है। वहीं, होटल, रेस्टोरेंट, ढाबों और अस्थायी पंडालों का फायर ऑडिट कराया जा रहा है। पुलिस और आपदा राहत टीमें भी पूरी तरह सतर्क कर दी गई हैं।
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सावन के पावन महीने में शिवभक्तों की आस्था के प्रमुख केंद्र नीलकंठ श्रावण कांवड़ मेले को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट हो गया है। कांवड़ यात्रा को सुरक्षित, व्यवस्थित और सुगम बनाने के लिए इस बार व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई है। पूरे मेला क्षेत्र की सुरक्षा की जिम्मेदारी करीब 1,200 पुलिस, पीएसी, होमगार्ड और पीआरडी जवानों के कंधों पर होगी। पुलिस का दावा है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी टीमें तैयार रहेंगी।
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उत्तराखंड में सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए बड़े स्तर पर भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी है। प्रदेश में शिक्षकों के 1,500 से अधिक रिक्त पदों पर भर्ती की जाएगी। इनमें प्रवक्ता के 808 पदों पर भर्ती प्रक्रिया पहले से चल रही है, जबकि प्रारंभिक शिक्षा में सहायक अध्यापक के 250 से अधिक पदों पर भर्ती के लिए प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है। इसके अलावा सहायक अध्यापक एलटी के 450 से अधिक पद भी रिक्त हैं। इन पदों को भरने के लिए जल्द ही उत्तराखंड लोक सेवा आयोग को प्रस्ताव भेजा जाएगा।
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